मुरैना। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लागू किए गए सार्थक ऐप का विरोध अब मुरैना में भी तेज हो गया है। कृषि विभाग की आत्मा (ATMA) परियोजना से जुड़े ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर भरत कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की कि आत्मा परियोजना के कर्मचारियों के लिए सार्थक ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता समाप्त की जाए। उनका कहना है कि क्षेत्रीय कार्यों के दौरान ऐप के जरिए समय पर उपस्थिति और चेक-आउट दर्ज करना कई बार व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता।

कर्मचारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी कार्यरत हैं, जिन्हें दूर-दराज़ के गांवों में जाकर किसानों के बीच काम करना पड़ता है। अधिकांश क्षेत्रों में शासकीय आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा नेटवर्क संबंधी समस्याओं के कारण भी ऐप पर उपस्थिति दर्ज कराने में दिक्कत आती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से महिला कर्मचारियों को अंधेरा होने से पहले अपने घर लौटना पड़ता है। ऐसे में निर्धारित समय के अनुसार ऐप पर चेक-इन और चेक-आउट करना कई बार संभव नहीं हो पाता, जिससे अनावश्यक परेशानियां उत्पन्न होती हैं।

कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि आत्मा परियोजना के कर्मचारियों को सार्थक ऐप से उपस्थिति दर्ज कराने की बाध्यता से मुक्त किया जाए, ताकि वे बिना अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव के किसानों के बीच अपने क्षेत्रीय कार्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।