सबलगढ़। नगर पालिका परिषद सबलगढ़ में सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सड़क और नालियों जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी के नेतृत्व में चल रहा जनहित सत्याग्रह शुक्रवार को 43वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद नगर की समस्याओं का समाधान नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सत्याग्रह के दौरान पार्षद द्वारा 18 मई को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत विकास कार्यों और वित्तीय व्यय से संबंधित 10 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी नगर पालिका द्वारा कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। मामले की गंभीरता तब बढ़ गई जब मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) सौरभ जैतवार ने स्वास्थ्य, लेखा, निर्माण और स्टोर शाखा प्रभारियों को दो दिनों के भीतर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के नोटिस जारी किए। इसके बावजूद एक सप्ताह बाद भी किसी शाखा ने रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया, जिससे नगर पालिका के अभिलेखीय तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि विकास कार्यों और खर्च का रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं है तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के धन की डकैती है। उनका कहना है कि रिकॉर्ड बनाया ही नहीं गया, इसलिए अधिकारी जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पार्षद ने नगर की जमीनी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई वार्डों में लोग स्वयं नालियों की सफाई करने को मजबूर हैं, पेयजल आपूर्ति अनियमित है और स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण रात में लोगों को अंधेरे में आवागमन करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और पारदर्शी व्यवस्था की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि जब तक नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं और RTI के तहत मांगी गई जानकारी नहीं मिलती, तब तक जनहित सत्याग्रह जारी रहेगा। सत्याग्रह में पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ, समाजसेवी नीरज शर्मा सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
