मुरैना। जिले में एक्सपायरी डेट की देशी शराब की सप्लाई के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई कलेक्टर की ओर से कराई गई जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद आबकारी आयुक्त, मध्य प्रदेश द्वारा की गई। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, ग्वालियर निर्धारित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ को शिकायत प्राप्त हुई थी कि कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कुछ फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 310 पेटी एक्सपायरी देशी मदिरा (60 यूपी) को थोक कंपोजिट मदिरा दुकानों पर सप्लाई करने के आदेश जारी किए। आरोप था कि यह एक्सपायरी शराब दुकानों से उपभोक्ताओं को बेची भी जा चुकी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर प्रतिज्ञा शर्मा की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि 310 पेटी देशी मदिरा 60 यूपी का निर्माण 25 अप्रैल 2025 को हुआ था। नियमों के अनुसार इस शराब की वैधता निर्माण तिथि से एक वर्ष अर्थात 25 अप्रैल 2026 तक थी। इसके बाद यह शराब एक्सपायर हो चुकी थी। जांच रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि एक्सपायर हो चुकी शराब को नियमानुसार नष्ट कराने के बजाय कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी द्वारा थोक कंपोजिट मदिरा दुकानों पर सप्लाई करने के आदेश जारी कर दिए गए।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि ऐसी शराब के सेवन से मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था, इसलिए इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया।
डिप्टी कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने पूरा मामला आबकारी आयुक्त, मध्य प्रदेश को भेजा। रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए आबकारी आयुक्त ने कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, ग्वालियर रहेगा। यह कार्रवाई जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच हुई है। मामले में एक्सपायरी शराब की सप्लाई और उसके विक्रय को लेकर विभागीय स्तर पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


