मुरैना । कलेक्टर एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, मुरैना के प्रशासक लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुरैना एवं श्योपुर जिले की सभी बैंक शाखाओं और समिति प्रबंधकों के कार्यों की शाखावार समीक्षा करते हुए बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने, व्यवसाय वृद्धि तथा किसानों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमल मकाशरे, सहायक आयुक्त सहकारिता श्योपुर भास्कर शर्मा, दुग्ध संघ एवं इफको के प्रतिनिधियों सहित मुरैना और श्योपुर जिले के सभी शाखा प्रबंधक, समिति प्रबंधक, फील्ड स्टाफ एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।समीक्षा के दौरान सदस्यता अभियान, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), कृषि ऋण वितरण, बकाया ऋणों की वसूली, जमा संसाधनों में वृद्धि, समितियों की कार्यप्रणाली और बैंक की आय बढ़ाने सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने शाखावार उपलब्धियों और कमियों की समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरे करने के निर्देश दिए। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि आगामी एक माह बैंक की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। सभी शाखा प्रबंधक, समिति प्रबंधक और फील्ड स्टाफ मिशन मोड में कार्य करते हुए सदस्यता अभियान, शून्य शेष राशि वाले खाते खोलने, केसीसी, ऋण वितरण और ऋण वसूली जैसे सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक शाखा के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने प्रत्येक शाखा को दैनिक एवं साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर नियमित समीक्षा करने, लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही जमा संसाधनों में वृद्धि और ऋण वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया।कलेक्टर ने समितियों को खाद एवं बीज वितरण के साथ-साथ पशु आहार, एग्रो केमिकल, नैनो यूरिया और अन्य कृषि आदानों के वितरण पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने, नियमित फील्ड निरीक्षण करने और हितग्राही संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि समन्वित प्रयासों और प्रभावी निगरानी से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को और अधिक सशक्त एवं जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।