ज्ञानोदय उत्कर्ष कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, शिक्षकों से संस्कारित नागरिक तैयार करने का किया आह्वान
मुरैना। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में श्रेष्ठ संस्कारों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, विनम्रता और संस्कार ही विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बनाते हैं।

शुक्रवार को मुरैना के रॉयल पैलेस में आयोजित ज्ञानोदय हायर सेकेंडरी स्कूल के उत्कर्ष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें संस्कारित नागरिक बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने की।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व को नई दिशा देती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार फल से लदा वृक्ष सदैव विनम्र रहता है और बिना किसी अपेक्षा के समाज को फल देता है, उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी सफलता मिलने के बाद विनम्र, संवेदनशील और समाजहितैषी बनना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को केवल रोजगार का साधन न मानकर व्यक्तित्व निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाने का आग्रह किया। साथ ही शिक्षकों से नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सेवा भावना और भारतीय संस्कृति के संस्कार विकसित करने पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर महापौर शारदा सोलंकी, समाजसेवी कमलेश कुशवाह, डॉ. योगेशपाल गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी, बीआरसी, ज्ञानोदय स्कूल प्राचार्य महेश सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
