मुरैना जिला अस्पताल से बंदी के फरार होने की कोशिश नाकाम, हथकड़ी और दरवाजा तोड़कर भागा, स्टाफ ने दबोचा

मुरैना जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती एक विचाराधीन बंदी ने शनिवार को हथकड़ी और वार्ड का दरवाजा तोड़कर फरार होने की कोशिश की। हालांकि अस्पताल स्टाफ की सतर्कता से उसे कुछ ही देर में पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, जनकपुर निवासी लक्ष्मण गुर्जर को सिविल लाइन थाना पुलिस ने 23 जुलाई को जौरा रोड स्थित मां बेटी चौराहे पर एक किराना व्यापारी से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हाई ब्लड प्रेशर और तेज पल्स की शिकायत के चलते उसे दो दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे वापस जेल भेज दिया गया, लेकिन शुक्रवार शाम खून की उल्टी होने पर डॉक्टरों की सलाह पर दोबारा जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती किया गया।

शनिवार दोपहर कैदी वार्ड का सुरक्षा गार्ड दवा लेने गया था। इसी दौरान लक्ष्मण ने पलंग का सरिया निकालकर पहले अपनी हथकड़ी तोड़ दी। इसके बाद उसी सरिए से कैदी वार्ड का लकड़ी का दरवाजा तोड़कर बाहर निकल गया और अस्पताल परिसर से भागने का प्रयास किया।

बंदी को भागते देख अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत पीछा किया और घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने फरार होने के प्रयास के मामले में उसके खिलाफ एक और प्रकरण दर्ज कर उसे वापस जेल भेज दिया है।

जेल अधीक्षक एस.के. शर्मा ने बताया कि बंदी नशे के इंजेक्शन का आदी है और ग्वालियर के एक मनोचिकित्सक की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, उसकी तबीयत बिगड़ने के कारण ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद जिला अस्पताल के कैदी वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक बंदी हथकड़ी और दरवाजा तोड़कर बाहर निकलने में कैसे सफल हो गया।

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