सबलगढ़। नगर पालिका परिषद सबलगढ़ के खिलाफ जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर पार्षदों का शांतिपूर्ण सत्याग्रह गुरुवार को लगातार 42वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आम नागरिकों को सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचनाएं नहीं मिलने से नागरिक अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने नगर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि कई वार्डों में नियमित कचरा उठाव नहीं हो रहा, जबकि खराब प्रकाश व्यवस्था के कारण रात में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, जिससे पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। आंदोलनकारियों ने मांग की कि योजनाओं से संबंधित पात्रता सूची एवं लाभार्थियों का विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।पचौरी ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेही, बेहतर सफाई व्यवस्था, नियमित पेयजल आपूर्ति और नागरिक सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा।सत्याग्रह में पार्षद कैलाश चंद भगत, रचना अशरफ, समाजसेवी नीरज शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिक भी शामिल रहे। आंदोलनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्याओं के समाधान की दिशा में शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
