मुरैना जेल में 300 रुपए की रसीद पर विवाद, युवक ने प्रहरियों पर लगाया मारपीट का आरोप; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

मुरैना। जिला जेल मुरैना में बंदी से मुलाकात करने पहुंचे एक युवक ने जेल प्रहरियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। तोरखेड़ा निवासी वासुदेव सिंह ने मामले की शिकायत मुरैना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मामले की जांच के निर्देश एसडीएम मुरैना अशोक सिंह चौहान को दिए हैं। एसडीएम ने जिला जेल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

300 रुपए की रसीद को लेकर शुरू हुआ विवाद

शिकायतकर्ता वासुदेव सिंह के अनुसार वह जिला जेल में बंद राजकुमार से मुलाकात करने पहुंचा था। वासुदेव का आरोप है कि जेल में तैनात महिला प्रहरी प्रीति सिंकरवार ने मुलाकात के दौरान 300 रुपए की रसीद काटी और उससे राशि जमा करने के लिए कहा। वासुदेव के मुताबिक उसने पैसे देने से इनकार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। उसका आरोप है कि महिला प्रहरी सहित दो अन्य जेल प्रहरियों और जेलर ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसने मामले की शिकायत कलेक्टर और एसपी से की और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कलेक्टर ने एसडीएम को सौंपी जांच

मामले की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम मुरैना अशोक सिंह चौहान को जांच के निर्देश दिए। निर्देश मिलने के बाद एसडीएम जिला जेल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के साथ जेल प्रशासन के पक्ष और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जेल अधीक्षक ने मारपीट के आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर, जिला जेल अधीक्षक एसके शर्मा ने युवक द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को खारिज किया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि युवक जिस बंदी से मुलाकात करने आया था, उससे पहले ही तीन लोग मुलाकात कर चुके थे। इसके बावजूद विजिटर रजिस्टर में नाम दर्ज कर युवक की मुलाकात कराई गई। जेल अधीक्षक के मुताबिक बंदी को सामान उपलब्ध कराने के लिए जेल की कल्याणी कैंटीन के नाम से 300 रुपए की रसीद काटी गई थी। महिला प्रहरी द्वारा राशि का भुगतान करने के लिए कहे जाने पर युवक ने पैसे देने से इनकार कर दिया। अधीक्षक का दावा है कि इसके बाद युवक ने महिला प्रहरी के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। विवाद की स्थिति बनने पर जेल प्रहरी भदौरिया और तोमर मौके पर पहुंचे। बाद में जेल अधीक्षक भी वहां पहुंचे।

कार के अंदर हाथ डालने का भी लगाया आरोप

जेल अधीक्षक एसके शर्मा के अनुसार विवाद के दौरान युवक कार के अंदर हाथ डालने लगा था। इसके बाद जेल प्रहरियों ने उसे वहां से हटाकर बाहर निकाल दिया। अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि युवक के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं की गई है और उसके द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोप गलत हैं। इस तरह मामले में शिकायतकर्ता और जेल प्रशासन के बयान एक-दूसरे से अलग हैं। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

जेल कैंटीन को लेकर क्या है नियम?

जेल अधीक्षक ने जेल के अंदर संचालित कैंटीन को लेकर भी जानकारी दी। उनके अनुसार जेल कैंटीन सरकार के आदेश के तहत संचालित होती है। जेल में बंद बंदी अपनी जरूरत का सामान कैंटीन से खरीद सकते हैं और एक महीने में अधिकतम 2500 रुपए तक का सामान खरीदने की व्यवस्था है। अधीक्षक के अनुसार इसी व्यवस्था के तहत बंदी को सामान उपलब्ध कराने के लिए 300 रुपए की रसीद काटी गई थी।

जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल 300 रुपए की रसीद को लेकर शुरू हुआ विवाद शिकायत और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच के दायरे में है। एक तरफ युवक ने जेल कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप लगाया है, वहीं जेल अधीक्षक ने इन आरोपों को गलत बताते हुए युवक द्वारा बदसलूकी किए जाने की बात कही है।

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम द्वारा की जा रही जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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