मुरैना में नकली खाद का अंतरराज्यीय नेटवर्क उजागर, खंडहर से मिलीं 500 बोरियां, 11 आरोपियों पर मामला दर्ज

500 बोरी नकली खाद, 200 खाली बोरियों का बारदाना और पैकिंग मशीन जब्त; धौलपुर के आरोपियों पर कारोबार चलाने का आरोप, मजदूरों से 800 रुपये दिहाड़ी पर कराया जाता था काम

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में नकली DAP खाद बनाने और उसकी सप्लाई करने वाले कथित गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जेवरा खेरा के हार में स्थित एक खंडहरनुमा मकान पर छापा मारकर 500 बोरी नकली खाद, 200 खाली बोरियों का बारदाना और पैकिंग मशीन जब्त की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यहां तैयार की जा रही नकली खाद को मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक सप्लाई किया जा रहा था। मामले में खाद बनाने, पैकिंग, परिवहन और अन्य कार्यों से जुड़े कुल 11 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

धौलपुर के आरोपियों ने किराए पर लिया था मकान

मिली जानकारी के अनुसार, धौलपुर निवासी सूरज शर्मा और रिंकू नामक आरोपियों ने जेवरा खेरा के हार में एक खंडहरनुमा मकान किराए पर लिया था। आरोप है कि इसी मकान में नकली DAP खाद तैयार करने और उसकी पैकिंग का काम किया जा रहा था। खाद को बोरियों में भरने के बाद लोडिंग वाहन के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता था। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, खाद की सप्लाई के लिए अम्बाह-पोरसा मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके जरिए उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक खाद पहुंचाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

800 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर कराते थे काम

नकली खाद के कथित कारोबार में मजदूरों की भी मदद ली जा रही थी। आरोप है कि मजदूरों से खाद की बोरियों की पैकिंग, भंडारण और लोडिंग जैसे काम कराए जाते थे। इसके बदले उन्हें 800 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह मकान के भीतर खाद की पैकिंग से लेकर उसे वाहनों में भरकर बाहर भेजने तक की व्यवस्था संचालित की जा रही थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस काम में किन-किन लोगों की भूमिका थी और कारोबार कब से चल रहा था।

मुखबिर की सूचना पर छापा, 500 बोरी खाद बरामद

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध मकान पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके से 500 बोरी नकली खाद, 200 खाली बोरियों का बारदाना और पैकिंग मशीन बरामद की गई। इस कार्रवाई के बाद अब खाद की गुणवत्ता, उसकी वास्तविक संरचना और उसे तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही सामग्री के संबंध में जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितनी खाद तैयार कर बाजार में बेची है और कितने किसान इस कथित धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।

1,500 से 2,000 रुपये तक में बेचने का आरोप

सूत्रों के अनुसार, आरोपियों द्वारा नकली खाद की बोरियां अम्बाह-पोरसा क्षेत्र के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 1,500 से 2,000 रुपये तक में बेचे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, खाद की वास्तविक बिक्री, मात्रा और संबंधित स्थानों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। नकली खाद का कारोबार किसानों के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। यदि खाद में निर्धारित पोषक तत्व नहीं हैं, तो फसलों की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में इस मामले में खाद के नमूनों की जांच और सप्लाई नेटवर्क का खुलासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सहायक संचालक कृषि की रिपोर्ट पर 11 आरोपियों के खिलाफ मामला

सहायक संचालक कृषि अनंत बिहारी सडैया की रिपोर्ट पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने कुल 11 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। दर्ज आरोपियों में सूरज शर्मा, रिंकू, लोडिंग वाहन चालक राहुल तोमर तथा मजदूर रामवीर जाटव, श्रीनिवास, संतीश, देवेंद्र, गिर्राज, रामअवतार और लाखन जाटव के नाम शामिल हैं। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।

पुलिस खंगाल रही सप्लाई नेटवर्क

नकली खाद की कथित फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में खाद और पैकिंग सामग्री मिलने के बाद पुलिस के सामने अब इस कारोबार की पूरी कड़ी उजागर करने की चुनौती है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि खाद कहां से तैयार करने की सामग्री लाई जाती थी, बोरियों पर किस प्रकार की पैकिंग की जाती थी और किन व्यापारियों या अन्य लोगों के माध्यम से इसे बाजार तक पहुंचाया जा रहा था।इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में खाद की सप्लाई से जुड़े संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बिक्री के ठिकानों के संबंध में खुलासे होने की संभावना है।

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