चोर के पीछे दौड़ी पुलिस, खेत में मिली लाश! जौरा कांड में ‘चीपा चोर’ की कहानी ने मचाया तहलका, थानेदार की कुर्सी गई

मुरैना। जौरा में पुलिस कार्रवाई के दौरान युवक सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद जहां परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए, वहीं अब पुलिस की ओर से कार्रवाई को लेकर सामने आई जानकारी ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। पुलिस के अनुसार जिस कार्रवाई के दौरान सूरज की तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हुई, वह कार्रवाई जुआरियों को पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि एक कथित शातिर चोर की तलाश में की जा रही थी।

घटना के बाद जौरा विधायक पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में थाने के बाहर धरना दिया गया था। मामले में पहले पांच पुलिस आरक्षकों को लाइन हाजिर किया गया और अब थाना प्रभारी को भी लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद जौरा का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

करीब 10 दिन पहले हुई चोरी के बाद पुलिस तलाश में जुटी थी

पुलिस सूत्रों के अनुसार करीब 10 दिन पहले भूपति का पुरा गांव में बंटी प्रजापति के घर चोरी की घटना हुई थी। चोरी की घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने कथित चोर की पहचान और तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक चोरी की वारदात में करीब 15 से 16 लाख रुपये के जेवरात और नकदी चोरी होने की बात सामने आई थी।

पुलिस टीम कथित आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। बताया जा रहा है कि पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चला, जिसके आधार पर टीम पहले आवास कॉलोनी स्थित उसके घर पहुंची। वहां जानकारी मिली कि वह बाइक से अपने कुछ दोस्तों के साथ जेल रोड की तरफ गया है। इसके बाद पुलिस टीम उसकी तलाश में जेल रोड पहुंची।

पुलिस को देखकर भागे युवक, खेत की तरफ जाने की मिली जानकारी

पुलिस के अनुसार जेल रोड के आसपास पुलिस टीम को देखकर कुछ युवक भागने लगे। पुलिस ने युवकों से भागने की वजह पूछी तो कथित तौर पर उनके जुआ खेलने की जानकारी सामने आई। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला मजदूर ने पुलिसकर्मियों को बताया कि एक युवक भागकर खेत की तरफ गया है। पुलिस टीम जब खेत की ओर पहुंची तो वहां सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता मिला। पुलिस के मुताबिक उस समय सूरज की हालत गंभीर थी और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने के लिए सीपीआर देने का प्रयास किया। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूरज पर पहले से दर्ज था जुआ एक्ट का मामला

मृतक की पहचान जौरा निवासी सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता के रूप में हुई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सूरज के खिलाफ जौरा थाने में जुआ एक्ट के तहत पहले से मामला दर्ज था। हालांकि, घटना के दौरान उसकी मौत कैसे हुई और पुलिस कार्रवाई की इसमें क्या भूमिका रही, इसे लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मामले की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की ओर से बताया गया है कि घटना के समय सूरज की हालत पहले से गंभीर थी और पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने का प्रयास किया था। वहीं, दूसरी ओर परिजनों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। इन दोनों पक्षों के बीच वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मौत के बाद थाने के बाहर हुआ प्रदर्शन

सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता की मौत के बाद मामला तेजी से गरमा गया। परिजन और स्थानीय लोग जौरा थाने पहुंचे और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जौरा विधायक पंकज उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे और थाने के बाहर धरने में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान परिजनों की ओर से मामले की जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद पुलिस विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए पांच पुलिस आरक्षकों को लाइन हाजिर कर दिया।

अब थाना प्रभारी भी लाइन हाजिर

मामले में कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं रुका। अब जौरा थाना प्रभारी को भी लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी सामने आई है। थाना प्रभारी पर हुई कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों पर हुई विभागीय कार्रवाई को सूरज की मौत के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। मौत के वास्तविक कारण और घटना की परिस्थितियां जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट होंगी।

‘चीमा चोर’ की तलाश से शुरू हुई कार्रवाई, सूरज की मौत पर उठे सवाल

पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस कार्रवाई की शुरुआत पुलिस कथित चोरी के आरोपी की तलाश से कर रही थी, वह सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता की मौत के बाद विवादों में कैसे आ गई। पुलिस का दावा है कि टीम कथित शातिर चोर की तलाश में थी और इसी दौरान जेल रोड के आसपास कुछ युवक पुलिस को देखकर भागे। खेत में सूरज गंभीर हालत में मिला और अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर, सूरज की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई, सूरज की मौत की परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

जौरा का यह मामला अब चोरी की जांच से आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई, युवक की मौत और पुलिस विभाग द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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