मुरैना पॉलीटेक्निक कॉलेज में मानवीय मूल्यों पर विशेष व्याख्यान, विद्यार्थियों को दिया नैतिक शिक्षा का संदेश

सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ आयोजन, वक्ताओं ने कहा- नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी से ही बनेगा विकसित भारत

मुरैना। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, मुरैना में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘मानवीय मूल्य’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एमआईटीएस डीम्ड विश्वविद्यालय, ग्वालियर के सहायक प्रोफेसर डॉ. गवेन्द्र नोर्के उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार सक्सेना ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। प्राचार्य मनोज कुमार सक्सेना ने मुख्य अतिथि डॉ. गवेन्द्र नोर्के का पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं माला पहनाकर स्वागत किया।

मुख्य कार्यक्रम नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ व्याख्याता दिलीप गांगिल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को सत्य, ईमानदारी, प्रेम, करुणा, सहिष्णुता, सहयोग, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों के महत्व से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्य व्यक्ति के चरित्र निर्माण के साथ समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारे और नैतिकता को मजबूत बनाते हैं। विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हासिल करने के लिए समाज का मानवीय मूल्यों से समृद्ध होना आवश्यक है।

शिक्षा के साथ नैतिकता और संवेदनशीलता भी जरूरीमुख्य अतिथि डॉ. गवेन्द्र नोर्के ने अपने संबोधन में कहा कि किसी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी भौतिक और आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि नागरिकों के नैतिक आचरण और मानवीय दृष्टिकोण से भी होती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और आदर्श नागरिक बनना भी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन करने, दूसरों का सम्मान करने और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के इस दौर में ईमानदारी, सहानुभूति, करुणा, पर्यावरण संरक्षण और बड़ों के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों को बनाए रखना बेहद जरूरी है।

समाज के जरूरतमंदों की मदद करना अभियान का संकल्पमहाविद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार सक्सेना ने कहा कि सेवा, करुणा, ईमानदारी और आपसी सम्मान ही वास्तविक मानवीय मूल्य हैं। बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की मदद करना ही सेवा संकल्प अभियान का मूल उद्देश्य है।उन्होंने कहा कि महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज में मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, नैतिक चेतना, मानवीय संवेदनशीलता और सेवा भावना विकसित करने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम नोडल अधिकारी कपिल राजे सहित महाविद्यालय के शिक्षक, अतिथि शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन मुख्य कार्यक्रम नोडल अधिकारी दिलीप गांगिल ने किया। अंत में प्राचार्य मनोज कुमार सक्सेना ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया।

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