मुरैना। राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य क्षेत्र एवं अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से देवरी सर्किट हाउस में अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुरैना, आगरा और धौलपुर जिलों के प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की। बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन सर्विलांस, नाइट विजन कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग और रियल टाइम डाटा शेयरिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। साथ ही घाटों, पुलों और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वय को और प्रभावी बनाने, सूचना आदान-प्रदान को मजबूत करने तथा संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में यह भी तय किया गया कि संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित मैपिंग की जाएगी और चेकपोस्टों पर डिजिटल रिकॉर्ड संधारण अनिवार्य होगा।

अवैध रेत खनन रोकने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाने पर सहमति बनी, जिसमें घाटों पर निगरानी, परिवहन मार्गों पर जांच और भंडारण स्थलों पर कार्रवाई शामिल है। इसके साथ ही बिना पंजीयन वाले वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सभी वैध खनिज परिवहन वाहनों में जीपीएस प्रणाली और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य की जाएगी। अंतरराज्यीय टास्क फोर्स की बैठक हर तीन माह में आयोजित कर कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।बैठक में अवैध रेत खनन के खिलाफ समन्वित, तकनीक आधारित और सख्त प्रवर्तन व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी, जिससे चम्बल क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।