मुरैना। मध्य प्रदेश सरकार भले ही महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन मुरैना जिले में सामने आए एक मामले ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुरैना जिले के नूराबाद थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस आरक्षक पर प्लास्टिक के पाइप से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार नूराबाद थाना क्षेत्र के खरगपुर गांव निवासी उषा जाटव पत्नी हरिसिंह जाटव मजदूरी का कार्य करती हैं और गुड़गांव में रहकर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। महिला का आरोप है कि कुछ दिन पहले गांव के ही मनीष जाटव और अभिषेक जाटव उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। इस संबंध में उसने गुड़गांव के संबंधित थाने में शिकायत की, लेकिन बेटी के बालिग होने का हवाला देकर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। महिला का कहना है कि बाद में उसे पता चला कि उसकी बेटी गांव में ही है। इसके बाद वह अपने पति के साथ गांव पहुंची और नूराबाद थाने में शिकायत दर्ज कराने गई। पीड़ित का आरोप है कि वह कई बार थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

पीड़िता के मुताबिक बीते दिनों कुछ पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और उसे थाने चलने के लिए कहने लगे। जब उसने कारण पूछा तो पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया। महिला का आरोप है कि इसी दौरान नूराबाद थाने के एक आरक्षक ने प्लास्टिक के पाइप से उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मारपीट के आरोप के बाद पीड़िता गुरुवार को न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। महिला ने अपनी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

मुरैना जिले में पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना की कार्यशैली को आमतौर पर जनसुनवाई और त्वरित कार्रवाई के लिए सराहा जाता है। एसपी कार्यालय पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के लिए उनकी पहचान बनी हुई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस मामले पर टिकी हुई है कि महिला के साथ मारपीट के आरोपों के बाद एसपी धर्मराज मीना नूराबाद थाने के संबंधित आरक्षक के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं। फिलहाल वायरल वीडियो और महिला के आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।