अजमेर। राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर है, जो उसी बैरक में बंद था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बैरक के अंदर दोनों कैदियों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद विष्णु ने तौलिए से जगन गुर्जर का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
धौलपुर के डांग क्षेत्र का रहने वाला जगन गुर्जर वर्ष 1994 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। चंबल के बीहड़ों में उसने अपहरण, फिरौती, डकैती और हत्या जैसी कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया। उसके खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती और डकैती सहित 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
वर्ष 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी देने के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। उस समय उस पर 11 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
हालांकि जगन गुर्जर ने वर्ष 2001, 2009 और 2018 में तीन बार आत्मसमर्पण किया था, लेकिन हर बार जमानत पर छूटने के बाद वह फिर अपराध की दुनिया में लौट गया। अब हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर हुई उसकी हत्या ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।