जिला पंचायत सीईओ ने निलंबन, सेवा से पृथक्करण और सरपंच को पद से हटाने सहित की सख्त कार्रवाई

मुरैना । पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार, कार्य में लापरवाही और शिकायतों में दोषी पाए जाने पर जिले के 11 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) कमलेश कुमार भार्गव ने निलंबन, सेवा से पृथक्करण, शासकीय कार्य से विरत करने तथा एक सरपंच को पद से पृथक करने जैसी सख्त कार्रवाई की है।कार्रवाई के तहत ग्राम पंचायत कुरैठा (पोरसा) के ग्राम रोजगार सहायक राहुल सिंह तोमर, ग्राम पंचायत रायपुर (पोरसा) के उमेश उपाध्याय तथा ग्राम पंचायत खरगपुर (मुरैना) के राजवीर सिंह राजपूत को मस्टर रोल में दर्ज मजदूरों की उपस्थिति मोबाइल एप के बजाय अन्य माध्यम से दर्ज करने तथा जॉब कार्डधारी मजदूरों के फोटो का मिलान नहीं होने के आरोप में शासकीय कार्य से विरत किया गया है।ग्राम पंचायत सिघोरा (जौरा) के पंचायत सचिव ललित कुशवाह एवं ग्राम पंचायत गुढाआसन (जौरा) के पंचायत सचिव रामप्रकाश जाटव को निर्माण कार्यों में फर्जी तरीके से राशि आहरित करने के आरोप में निलंबित किया गया है।ग्राम पंचायत कुथियाना (अम्बाह) के पंचायत सचिव मुन्नालाल शर्मा को जन्म प्रमाण-पत्र एवं वृद्धावस्था पेंशन प्रारंभ कराने के नाम पर हितग्राहियों से एक-एक हजार एवं दो-दो हजार रुपये की मांग करने के आरोप में निलंबित किया गया है।ग्राम पंचायत लहर्रा (कैलारस) के पंचायत सचिव बच्चू सिंह बघेल को पंचायत कार्यों की उपेक्षा, सरपंच एवं ग्रामीणों के फोन रिसीव नहीं करने, सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई के प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं करने के आरोप में निलंबित किया गया है।ग्राम पंचायत किसरोली (जनपद पंचायत कैलारस) के सरपंच दामोदर धाकड़ को सीसी रोड निर्माण कार्य सार्वजनिक उपयोग के स्थान पर व्यक्तिगत उपयोग के लिए कराए जाने तथा लगभग 12 लाख रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोप में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा-40 के तहत पद से पृथक कर दिया गया है।ग्राम पंचायत बूढ़सिरथरा (जनपद पंचायत कैलारस) के पंचायत सचिव सोबरन सिंह बघेल को हितग्राहीमूलक योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं करने, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण नहीं करने, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी नहीं करने तथा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर अनुपस्थित रहने के आरोप में निलंबित किया गया है।ग्राम पंचायत कोंथरकलां (पोरसा) के ग्राम रोजगार सहायक एवं प्रभारी पंचायत सचिव बलवीर सिंह सिकरवार को दो एनीकट निर्माण कार्यों के लिए आहरित 7 लाख 37 हजार 42 रुपये की राशि के बावजूद मौके पर कार्य नहीं कराए जाने संबंधी वित्तीय अनियमितता के आरोप में सेवा से पृथक कर दिया गया है।इसी प्रकार ग्राम पंचायत सिघोरा (जौरा) के ग्राम रोजगार सहायक जितेन्द्र सिंह गुर्जर को शासकीय धनराशि के गबन, नैतिक पतन एवं गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में सेवा से पृथक किया गया है।जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव ने स्पष्ट किया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

error: Content is protected !!