मुरैना में रेत की किल्लत होगी दूर, 12 रेत भंडारण केंद्र और 36 एम-सेण्ड इकाइयों को मिली मंजूरी

मुरैना जिले में खनिज रेत की सुचारू और पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में खनिज विभाग ने 12 खनिज रेत भंडारण अनुज्ञप्तियों और 36 एम-सेण्ड (M-Sand) इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ शासकीय निर्माण कार्यों और निजी निर्माण एजेंसियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आसानी से रेत उपलब्ध हो सकेगी।

स्वीकृत रेत भंडारण स्थल सबलगढ़, बामौर, अंबाह, मुरैना और पोरसा तहसीलों के विभिन्न गांवों में स्थापित किए जाएंगे। इनमें मुरवाई, लकेंजरा, पासौनकलां, उरहाना, जरेरूआ, बमरौली, नरेश्वर, थरा, अतरसुमा, पोरसा और शाहपुरा शामिल हैं। इन भंडारण केंद्रों का संचालन कुशवाह कंस्ट्रक्शन कंपनी, घिरांगी मिनरल्स, शिवा एनर्जी ट्रेडर्स, एमसीसी इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, वाईएफसी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी और देवराज पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य स्वीकृत संचालकों द्वारा किया जाएगा।खनिज विभाग के अनुसार सभी भंडारण स्थलों पर शासन के नियमों के अनुरूप रेत का भंडारण और विक्रय किया जाएगा। इससे जिले में निर्माण कार्यों के लिए रेत की नियमित उपलब्धता बनी रहेगी और अवैध उत्खनन व अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में भी मदद मिलेगी।जिला प्रशासन ने आमजन, शासकीय विभागों और निर्माण एजेंसियों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार केवल अधिकृत एवं स्वीकृत रेत भंडारण केंद्रों से ही रेत खरीदें, ताकि पारदर्शी और व्यवस्थित आपूर्ति व्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।

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