भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब महाराणा प्रताप की जीवनी को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान से परिचित कराने के लिए उनके जीवन के प्रेरक प्रसंगों को स्कूली शिक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा।भोपाल के एमपी नगर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि राष्ट्र गौरव, साहस और आत्मसम्मान के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने जीवनभर कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन कभी अपने सिद्धांतों और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली डॉक्टरों, खिलाड़ियों, युवाओं और समाजसेवियों का सम्मान भी किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से समाज के विकास और महापुरुषों की विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ‘पार्थ योजना’ के तहत युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि क्षत्रिय समाज के युवाओं को भी इस योजना के अंतर्गत व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए भी प्रभावी पहल की जाएगी।डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में निर्माणाधीन ‘वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक’ का शेष कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है और इसका लोकार्पण जल्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम और महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के सहयोग से महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने महाराणा प्रताप जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।
