मुरैना। ग्राम पंचायत सिरमिति में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। चार गरीब हितग्राहियों ने पंचायत कर्मियों पर आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर 5-5 हजार रुपये रिश्वत लेने और राशि देने के बावजूद सूची में नाम शामिल नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर हितग्राहियों ने जिला कलेक्टर को शिकायती आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं में ग्राम पंचायत सिरमिति निवासी सुनीता देवी पत्नी स्व. सत्यराम माहौर, अनीता पत्नी स्व. राजवीर लोधी, राजवती पत्नी होम सिंह लोधी और राजाबेटी पत्नी कृष्णा कुशवाह शामिल हैं। हितग्राहियों का कहना है कि वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे हैं और वर्तमान में झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।
सर्वे के बाद 5-5 हजार रुपये मांगने का आरोप
हितग्राहियों के अनुसार उन्होंने पक्के मकान के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम पंचायत में आवेदन किया था। आरोप है कि सर्वे के दौरान उनकी रिपोर्ट ओके किए जाने के बाद एडीओ गौरव शर्मा, ग्राम पंचायत सचिव शिवज्ञान सिंह और पीसीओ सुरेश माहौर की ओर से योजना में नाम शामिल कराने के एवज में 5-5 हजार रुपये की मांग की गई। हितग्राहियों का दावा है कि उन्होंने मांगी गई राशि दे दी, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में उनके नाम शामिल नहीं किए गए।
कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग
मामले में सुनीता देवी, अनीता, राजवती और राजाबेटी ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।