खंडवा/ विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्यप्रदेश द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में मिशन की शुरुआत के समय जो बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, उनमें से स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा हो जाना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।राष्ट्रपति ने कहा कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है, जो विश्व की सबसे बड़ी आनुवंशिक रोग जांच पहलों में से एक है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और अधिकांश को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी प्रदान किए गए हैं।राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया को केवल स्वास्थ्य समस्या के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि इसे जनजातीय स्वास्थ्य, आनुवंशिक जागरूकता और सामाजिक व्यवहार परिवर्तन से जोड़कर व्यापक अभियान के रूप में संचालित किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के 17 राज्यों में चल रहे इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और लाखों लोगों की समय रहते पहचान हो सकी है।कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों और अधिकारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 में मध्यप्रदेश ने रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और वर्ष 2026 के अंत तक 1 करोड़ 60 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिकल सेल उन्मूलन के लिए स्क्रीनिंग, जेनेटिक काउंसलिंग, उपचार और जनजागरूकता जैसे चार प्रमुख मोर्चों पर एक साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में 3700 से अधिक “सिकल मित्र” जागरूकता अभियान को गति दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश सिकल सेल एनीमिया को जड़ से समाप्त करने के लक्ष्य को अवश्य हासिल करेगा।उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल स्क्रीनिंग के मामले में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिशन को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विवाह पूर्व सिकल सेल स्क्रीनिंग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस आनुवंशिक बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
