मुरैना। कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता निर्वा के शावक KNG 22 की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। चीता शावक की सुरक्षा और निगरानी में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में ग्वालियर सीसीएफ लवित भारती ने पहाड़गढ़-कैलारस वन रेंज के तीन वनकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित कर्मचारियों में पहाड़गढ़-कैलारस वन रेंज के रेंजर आकाश तोमर, कन्हार चौकी प्रभारी कीर्ति शांडिल्य और नाकेदार दिनेश मरैया शामिल हैं। विभाग ने प्रारंभिक जांच में इन कर्मचारियों को चीते की सुरक्षा और निगरानी में लापरवाही का जिम्मेदार माना है।
घटनास्थल पर मिले खून के निशान, STF की जांच तेज
चीता शावक की हत्या के मामले में जांच कर रही एसटीएफ (STF) को पहाड़गढ़ वन रेंज में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान घटनास्थल क्षेत्र में चीते के खून की तीन बूंदें मिलने की बात सामने आई है। इस सुराग के आधार पर एसटीएफ ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शावक की हत्या किसने और किन परिस्थितियों में की।
वारदात में इस्तेमाल रायफल की तलाश
चीता शावक को गोली मारने में इस्तेमाल की गई रायफल की तलाश भी तेज कर दी गई है। एसटीएफ हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और हथियार बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग की कार्रवाई और एसटीएफ की जांच के बाद मामले में नए खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल तीन वनकर्मियों के निलंबन और तीन संदिग्धों से पूछताछ के बाद जांच तेज हो गई है। अब जांच एजेंसी की नजर वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और हत्या के पीछे शामिल लोगों की पहचान पर है।