भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में हुए विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी जनता के सामने प्रस्तुत करें। इसके लिए प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी, जिससे विकास कार्यों का एक प्रकार से सोशल ऑडिट हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला विकास समितियों की भूमिका मजबूत करने, निजी निवेश को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया। उन्होंने किफायती आवासों के निर्माण में पर्यावरण अनुकूल (ईको-फ्रेंडली) निर्माण सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभागवार, संभागवार और जिलावार सांख्यिकी आंकड़े एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाएं। जन्म-मृत्यु पंजीयन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने विश्राम घाटों पर ही मृत्यु पंजीयन की सुविधा शुरू करने के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा, ताकि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के लोगों को मृत्यु प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आसानी हो।उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों के विकास सूचकांक स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तय किए जाएं। औद्योगिक, कृषि और वन क्षेत्र वाले जिलों के लिए अलग-अलग विकास मानक बनाए जाएं। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में मकान निर्माण के लिए तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम से अब तक 1.37 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन और नवांकुर समितियों ने जल स्रोतों के संरक्षण और सफाई अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई है। इसके अलावा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु परिवारों के पंजीयन अभियान के तहत 25 हजार से अधिक परिवारों का डेटा पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है।