चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन प्लान तैयार, 10 नए चेक पोस्ट और हाईटेक निगरानी सिस्टम होगा लागू

मुरैना। राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र एवं अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से मंगलवार को देवरी स्थित सर्किट हाउस में अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर संयुक्त रणनीति तैयार की।

बैठक में चंबल संभाग आयुक्त सुरेश कुमार, उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) सुनील जैन, सीसीएफ ग्वालियर लवित भारती, कलेक्टर मुरैना लोकेश कुमार जांगिड़, कलेक्टर धौलपुर निधि बी.टी, अपर कलेक्टर आगरा एवं प्रतिनिधि संदीप कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना, पुलिस अधीक्षक धौलपुर विकास सांगवान, डीएफओ मुरैना हरिश्चन्द्र बघेल, डीएफओ धौलपुर दीपक कुमार मीना, डीसीएफ टेरेस्टीयल धौलपुर वी. चेतन कुमार, मुरैना खनिज अधिकारी एस. के. निर्मल, सहित आगरा एवं धौलपुर के खनिज एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि चंबल घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रेत खनन रोकने के लिए 10 नए वन चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे। इन चेक पोस्टों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिनमें वायरलेस संचार व्यवस्था, हाई रेंज सीसीटीवी कैमरे (लगभग 5 किलोमीटर निगरानी क्षमता), पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं ड्रोन आधारित सर्विलांस शामिल होंगे। अधिकारियों ने सहमति जताई कि मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के बीच अपराधियों, संदिग्ध वाहनों एवं बिना नंबर प्लेट वाहनों की जानकारी रियल टाइम साझा की जाएगी। साथ ही संयुक्त गश्त एवं समन्वित कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। डीआईजी सुनील जैन ने अवैध रेत खनन रोकने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाने पर जोर दिया, जिसमें घाटों पर निगरानी, परिवहन मार्गों पर सघन जांच तथा भंडारण स्थलों पर कार्रवाई शामिल है। उन्होंने एम-सैंड जैसे वैकल्पिक निर्माण संसाधनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी बताई।

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने सीसीटीवी नेटवर्क, कंट्रोल रूम एवं जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली को मजबूत करने तथा सभी वैध खनिज परिवहन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य करने के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने कहा कि अवैध खनन से जुड़े अपराधियों पर की गई कार्रवाई का डाटा राज्यों के बीच साझा किया जाएगा तथा संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त गश्त बढ़ाई जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कैमरा नेटवर्क, नाइट विजन उपकरण एवं फेंसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने पर बल दिया।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक हर तीन माह में आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्रवाई की समीक्षा एवं नई रणनीति तय की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि इस समन्वित एवं तकनीक आधारित व्यवस्था से चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

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