मुरैना। जिले के कैलारस क्षेत्र में मानवता की मिसाल देखने को मिली। नेशनल हाईवे-552 पर स्कूल ड्यूटी के लिए जा रही एक महिला शिक्षिका को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिससे वह स्कूटी सहित सड़क किनारे गिर पड़ीं। मौके से गुजर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सूरज धाकड़ और उनके साथी पवन गुर्जर ने बिना देर किए शिक्षिका को सीपीआर (CPR) दिया, जिससे उनकी सांसें लौट आईं। इसके बाद दोनों ने अपनी गाड़ी से उन्हें तत्काल कैलारस अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, तिलोंजरी हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका ललिता धाकड़ सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे रोज की तरह स्कूटी से स्कूल जा रही थीं। जैसे ही वह भूराबली चौराहे के पास नेशनल हाईवे-552 पर पहुंचीं, उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया और वह बेहोश होकर सड़क किनारे गिर पड़ीं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे सूरज धाकड़ और पवन गुर्जर ने महिला को सड़क पर गिरा देखा। दोनों तुरंत उनके पास पहुंचे और उनकी स्थिति गंभीर होने पर सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही देर में शिक्षिका की सांसें वापस आने लगीं। इसके बाद दोनों ने उन्हें अपनी गाड़ी से कैलारस अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। सूचना मिलने पर शिक्षिका के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।सामाजिक कार्यकर्ता सूरज धाकड़ ने बताया कि वह अपने साथी पवन गुर्जर के साथ किसी काम से जा रहे थे। तभी उन्होंने एक महिला को स्कूटी से गिरते देखा। स्थिति गंभीर होने पर उन्होंने तुरंत सीपीआर दिया, जिससे महिला को होश आ गया। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाकर डॉक्टरों और परिजनों को सूचना दी गई।समय पर मिली मदद और सीपीआर के कारण शिक्षिका की जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार बताया जा रहा है।


