
मुरैना। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में शराब तस्करों को हथियार के दम पर धमकाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शराब ठेकेदार सुरेश उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से लाइसेंसी रायफल और पिस्टल भी जब्त कर ली हैं। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही पुलिस उसके घर पर फायरिंग करने के आरोप में तीन कथित शराब तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी।जानकारी के अनुसार, जौरी गांव निवासी सुरेश पुत्र रामजीलाल उपाध्याय शराब ठेकेदार है। 29 जून की रात उसके घर पर कथित शराब तस्कर आकाश गुर्जर, ऐदल गुर्जर और भूरा गुर्जर ने करीब आधा दर्जन राउंड फायरिंग की थी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।इसी बीच घटना के अगले दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में सुरेश उपाध्याय अपने कुछ साथियों के साथ निबी गांव में हथियार लेकर कथित तस्करों को धमकाते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में उसके हाथ में लाइसेंसी रायफल और पिस्टल भी नजर आ रही है।वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सुरेश उपाध्याय के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया गया तथा उसकी लाइसेंसी रायफल और पिस्टल जब्त कर ली गई। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

13 साल पुराने इनाम को लेकर भी उठे सवाल
मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सुरेश उपाध्याय पर जौरा थाना क्षेत्र में दर्ज एक पुराने शराब तस्करी के मामले में करीब 13 वर्ष पहले 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। यदि यह जानकारी सही है, तो सवाल उठ रहे हैं कि इतने वर्षों तक पुलिस के संपर्क में रहने और विभिन्न थानों में आवाजाही के बावजूद उसकी गिरफ्तारी या इनामी स्थिति पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में 13 साल पुराने इनाम और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर होना बाकी है।इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में शराब तस्करी, ठेकेदारों और अपराधियों के बीच कथित संबंधों के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर टिकी हैं।


