Morena Loot Case: मुरैना जिले के कैलारस थाना क्षेत्र के चिन्नौनी गांव में कथित डकैती की घटना को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक ओर पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि देर रात नकाबपोश बदमाश बंदूक की नोक पर करीब 10 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण लूट ले गए तथा सूचना देने के बावजूद पुलिस ने करीब 16 घंटे तक एफआईआर दर्ज नहीं की। वहीं पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में पीड़ित परिवार के बयानों में विरोधाभास मिला है और मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।

पीड़ित दिलीप रजक के अनुसार, देर रात दो नकाबपोश बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे और बेडरूम में सो रही महिला व उसके बेटे को बंधक बना लिया। महिला की आंख खुलने पर बदमाशों ने बेटे को गन पॉइंट पर ले लिया और महिला के साथ मारपीट की। इसके बाद अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए।

घटना के बाद घायल महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैलारस में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस को तत्काल सूचना देने के बावजूद काफी देर तक मामला दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि घर में रखी रकम में 3 लाख रुपये कर्ज लेकर लाए गए थे, जबकि 2 लाख रुपये उसके पिता लेकर आए थे। शेष रकम और जेवर भी अलमारी में रखे थे, जिन्हें बदमाश अपने साथ ले गए।

हालांकि चिन्नौनी थाना प्रभारी ऋषिकेश शर्मा ने पीड़ित परिवार के आरोपों से अलग दावा किया है। उनके अनुसार, सुबह सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। जांच के दौरान महिला और उसके ससुर के बयानों में अंतर मिला। थाना प्रभारी का कहना है कि परिवार पर करीब 16 लाख रुपये का कर्ज होने की बात भी सामने आई है और प्रथम दृष्टया कर्ज से बचने के लिए कहानी गढ़े जाने की आशंका है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह वास्तव में डकैती की घटना है या फिर मामला कुछ और है।