मुरैना जिले के जौरा में आयोजित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं की समीक्षा बैठक अब विवादों में घिर गई है। बैठक में उन पांच सोसायटी प्रबंधकों की मौजूदगी सामने आई है, जिन्हें गेहूं उपार्जन पंजीयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप में हाल ही में निलंबित किया गया था। इतना ही नहीं, बैठक में इन प्रबंधकों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय भी रखी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, बैठक की अध्यक्षता जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित मुरैना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्यामवीर सिंह गुर्जर ने की थी। बैठक में नियमित प्रबंधकों के साथ निलंबित प्रबंधकों की मौजूदगी ने सभी को चौंका दिया।

बताया जा रहा है कि गेहूं उपार्जन पंजीयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले में कलेक्टर की अनुशंसा पर आठ सोसायटी प्रबंधकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया था। इसके बावजूद परसौटा के जगदीश धाकड़, सुमावली के सुरेंद्र गुर्जर, खनेता के पवन यादव, उत्तमपुरा के रामप्रसाद सिंकरवार और इटावली के दीनबंधु शर्मा समीक्षा बैठक में शामिल हुए और चर्चा में भी भाग लिया।

मुरैना जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ श्यामवीर सिंह गुर्जर
इस मामले पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ श्यामवीर सिंह गुर्जर ने सफाई देते हुए कहा कि निलंबित प्रबंधकों को बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। वे स्वयं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे और उनकी समस्याओं का निराकरण किया गया।वायरल वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब यह देखना होगा कि विभाग इस मामले की जांच कर कोई कार्रवाई करता है या फिर मामला केवल स्पष्टीकरण तक ही सीमित रह जाता है।
