मुरैना। जिले में न्याय की गुहार लगाने का एक अनोखा मामला सामने आया। बार-बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं होने से परेशान एक किसान बुधवार को दंडवत करते हुए कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा। किसान ने आरोप लगाया कि जमीन की वैध रजिस्ट्री होने के बावजूद उसका नामांतरण नहीं किया गया, जबकि पटवारी की मिलीभगत से खसरे में अन्य लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए।

लेपा गांव निवासी किसान अरुण तोमर ने बताया कि उन्होंने सर्वे क्रमांक 7(स), रकबा 0.4300 हेक्टेयर (14 विश्वा) भूमि द्रोपती पत्नी स्व. रामस्वरूप से विधिवत खरीदी थी। रजिस्ट्री के बाद जब वे नामांतरण कराने पहुंचे तो राजस्व रिकॉर्ड (खसरा) में कई अन्य लोगों के नाम दर्ज मिले।

किसान का आरोप है कि रजिस्ट्री के बाद कुछ लोगों ने पटवारी से सांठगांठ कर गलत तरीके से खसरे में अपने नाम दर्ज करा लिए। उन्होंने इस संबंध में कई बार जनसुनवाई और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय नहीं मिलने से आहत होकर उन्होंने विरोध के प्रतीक स्वरूप दंडवत करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा प्रशासन के सामने रखी।

जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अम्बाह एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। किसान ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने तथा राजस्व रिकॉर्ड में सुधार की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।