खाकी ने निभाया मानव धर्म, एसडीओपी मिश्रा ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल

मुरैना में सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्ति अक्सर समय पर मदद न मिलने के कारण जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहता है। ऐसे ही एक संवेदनशील मामले में कैलारस एसडीओपी उमेश कुमार मिश्रा ने अपनी मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जानकारी के अनुसार थाना कैलारस क्षेत्र के सेमई तिराहा पर एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे पड़ा हुआ था। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन अधिकांश लोग केवल तमाशबीन बने हुए थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एसडीओपी कैलारस उमेश कुमार मिश्रा की नजर घायल पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा और तत्काल एक निजी वाहन को रुकवाकर घायल को अपनी निगरानी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सबलगढ़ पहुंचाया।समय रहते अस्पताल पहुंचाए जाने से घायल को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सका। चिकित्सकों ने हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल मुरैना रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में मिली सहायता घायल के जीवन को बचाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होती है।एसडीओपी की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज के लिए प्रेरणादायक है। यह घटना बताती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता का धर्म निभाने में भी सबसे आगे रहती है।मुरैना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की मदद करने से न हिचकें। दुर्घटना के बाद का “गोल्डन ऑवर” किसी भी घायल के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है और इस दौरान पहुंचाई गई सहायता किसी की जिंदगी बचा सकती है। साथ ही तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस सेवा को सूचना देकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

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