कैलारस शुगर फैक्ट्री फिर होगी शुरू, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर: CM डॉ. मोहन यादव

मुरैना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुरैना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को सीहोर से वर्चुअली संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलारस शुगर फैक्ट्री को पुनः प्रारंभ कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज का बेहतर लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना में दुग्ध समितियों के माध्यम से दूध संग्रहण को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही मुरैना सहित जिले की प्रत्येक नगर पंचायत में गीता भवन का निर्माण कराया जाएगा। इन भवनों में नागरिकों को अध्ययन और धार्मिक साहित्य से जुड़ने का अवसर मिलेगा। जिले के एक विकासखंड में वृंदावन भवन भी बनाया जाएगा।

किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने का प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना गेहूं, धान, तिलहन और दलहन उत्पादन में अग्रणी है। किसानों से गेहूं की खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि खेती के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। भविष्य में 30 लाख लोगों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे सिंचाई के साथ बिजली खर्च में भी किसानों को राहत मिलेगी।

किसान कल्याण वर्ष में कई योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। खरीफ और रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि 6-6 माह से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी गई है। अब किसान ऋण लेने की तारीख से एक वर्ष के भीतर ऋण चुका सकेंगे। उन्होंने किसानों से खेती के साथ दूध डेयरी और गाय पालन को अतिरिक्त आय का साधन बनाने का आह्वान किया। सरकार द्वारा उन्नत बाजरा और सरसों के बीज उपलब्ध कराने तथा किसानों को सब्सिडी पर बीज देने की जानकारी भी दी गई।

कृषि मंत्री ने गिनाईं सरकार की योजनाएं

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता, कम लागत, बेहतर मूल्य और किसानों की अधिक आय सुनिश्चित करना है।उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती और दलहन-तिलहन मिशन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के सभी जिलों में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण किया जा रहा है।

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