जन्माष्टमी पर जहरीले पानी का कहर! सीतापुर इंडस्ट्रियल एरिया में गौवंश की मौत से मचा हंगामा

मुरैना। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मुरैना के सीतापुर इंडस्ट्रियल एरिया में कथित दूषित पानी से गौवंश की मौत का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गौवंश की मौत से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीण फैक्ट्रियों के गेट पर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दूषित पानी के बहाव को तत्काल बंद कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

फैक्ट्रियों से निकल रहे दूषित पानी का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि सीतापुर इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित सात्विक एग्रो और जेड एक्स कैमिकल फैक्ट्री से लगातार कथित तौर पर दूषित और जहरीला पानी बाहर निकल रहा है। यह पानी आसपास के क्षेत्र में फैल रहा है, जिसके कारण पशुओं के लिए भी खतरा पैदा हो रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि इसी दूषित पानी को पीने के बाद गौवंश की मौत हुई है। जन्माष्टमी के दिन गौवंश की मौत की खबर सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया और बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्री गेट पर पहुंचकर विरोध करने लगे।

फैक्ट्री गेट पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

गुस्साए ग्रामीणों ने फैक्ट्री के मुख्य गेट के बाहर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मांग की कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कथित दूषित पानी की तत्काल जांच कराई जाए और पानी के बहाव को रोका जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि गौवंश की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में फैक्ट्री से निकलने वाले पानी को मौत का कारण पाया जाता है तो संबंधित फैक्ट्री संचालकों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

आमरण अनशन की चेतावनी

किसान कांग्रेस नेता रामचित्र महाना के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे आमरण अनशन शुरू करने के लिए भी मजबूर होंगे। कांग्रेस नेता रामचित्र महाना ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के कारण आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य एवं जीवन पर खतरा पैदा नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।

एक फैक्ट्री में स्टार्च तो दूसरी में इथाइल का उत्पादन

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सीतापुर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित सात्विक एग्रो कैमिकल फैक्ट्री में मक्के के दाने से स्टार्च बनाने का काम किया जाता है, जबकि जेड एक्स कैमिकल फैक्ट्री में इथाइल के उत्पादन का काम होने की जानकारी सामने आई है।ग्रामीणों का आरोप है कि इन औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला अपशिष्ट एवं कथित दूषित पानी आसपास के क्षेत्र में पहुंच रहा है। इसी को लेकर ग्रामीण लंबे समय से नाराजगी जता रहे हैं।

पुलिस मौके पर पहुंची, शिकायत लेकर जांच शुरू

फैक्ट्री गेट के बाहर ग्रामीणों के प्रदर्शन और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को संभाला। ग्रामीणों ने पुलिस को अपनी शिकायत भी दी है। पुलिस ने शिकायती आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गौवंश की मौत का वास्तविक कारण क्या था और क्या फैक्ट्रियों से निकलने वाला कथित दूषित पानी इसके लिए जिम्मेदार है।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पानी में किसी प्रकार के हानिकारक रसायन या प्रदूषक मौजूद थे या नहीं और उनका गौवंश की मौत से कोई संबंध था या नहीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कराने, मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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