मुकदमे खत्म, रिश्ते कायम: मुरैना लोक अदालत में 24 दंपतियों की सुलह

मुरैना। नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायिक स्थापना मुरैना में आयोजित लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय के लंबित भरण-पोषण एवं अन्य पारिवारिक मामलों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया। लोक अदालत में कुल 60 पारिवारिक प्रकरणों का निपटारा हुआ, जिनमें 24 मामलों में पति-पत्नी के बीच सुलह कराई गई। कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हितेंद्र द्विवेदी ने पक्षकारों को मध्यस्थता और आपसी राजीनामे के लाभ समझाए। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से मुकदमे का निपटारा होने पर किसी की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने पति-पत्नी की समस्याओं को सुनकर उनके बीच आपसी मन-मुटाव दूर करने और सुखमय पारिवारिक जीवन के लिए समझाइश दी।

2024 से लंबित विवाद में हुई सुलह, साथ घर लौटे पति-पत्नी

लोक अदालत में गोपालपुरा, मुरैना के एक दंपति के वर्ष 2024 से लंबित भरण-पोषण विवाद का भी समाधान कराया गया। दोनों पति-पत्नी वर्ष 2024 से अलग रह रहे थे और उनके बीच अन्य प्रकरण भी लंबित थे। प्रधान न्यायाधीश की समझाइश और आपसी संवाद के बाद दोनों पति-पत्नी साथ रहने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद दोनों खुशी-खुशी अपने घर लौटे। इस अवसर पर उन्हें आपसी प्रेम और सौहार्द के प्रतीक के रूप में माला पहनाई गई तथा एक पौधा भेंट किया गया।

2022 से चल रहे विवाद का भी हुआ समाधान

इसी तरह बामौर, जिला मुरैना के एक दंपति के वर्ष 2022 से लंबित भरण-पोषण विवाद का भी आपसी सहमति से निराकरण किया गया। दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे और उनके बच्चे भी मां के साथ रह रहे थे। प्रधान न्यायाधीश की समझाइश के बाद दोनों के बीच सुलह हुई और वे साथ-साथ घर लौटे। इस दौरान दंपति को माला पहनाकर प्रेम एवं सौहार्द का संदेश दिया गया और पौधा भेंट किया गया।

नेशनल लोक अदालत में हुए इन समझौतों ने यह संदेश दिया कि संवाद, समझदारी और आपसी सहमति के माध्यम से पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण और सुखद समाधान संभव है।

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