25% कमीशन दो, तभी पेमेंट लो!, कांग्रेस पार्षदों के आरोप से नगर निगम में मचा हड़कंप

मुरैना। नगर निगम में कथित कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की और निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शन के बाद नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई।

नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना ने आरोप लगाया कि नगर निगम में भ्रष्टाचार की मुख्य वजह कमिश्नर की कार्यप्रणाली है। उनका दावा है कि कमिश्नर के इशारे पर बिना कमीशन दिए ठेकेदारों की पेमेंट फाइलें आगे नहीं बढ़ाई जातीं। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि राजस्व शाखा के कर्मचारियों द्वारा ठेकेदारों से 25 प्रतिशत तक कमीशन लिए जाने के बाद भुगतान की फाइलें आगे बढ़ाई जाती हैं। पार्षदों का यह भी आरोप है कि कथित कमीशन के चलते कई कार्यों की मौके पर जांच और निरीक्षण किए बिना ही फाइलों को स्वीकृति दी जा रही है।

कांग्रेस पार्षदों के मुताबिक, कथित भ्रष्टाचार का असर शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शहर में सफाई व्यवस्था खराब है और कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके अलावा सत्ता पक्ष के पार्षदों के काम प्राथमिकता से किए जाने और निर्दलीय पार्षदों के काम रोके जाने के आरोप भी लगाए गए।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी कि कथित कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज करने की बात कही गई।

प्रदर्शन के बाद पार्षदों ने नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच, कथित कमीशनखोरी की पड़ताल और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

error: Content is protected !!