मुरैना में मिड-डे मील पर बड़ा सवाल! 2 महीने से स्कूल में नहीं बना खाना, बच्चों ने कहा- ‘सर, स्कूल में कुछ नहीं है’

मुरैना। सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था को लेकर जौरा तहसील के शासकीय प्राथमिक विद्यालय भैसाई से गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में करीब दो महीने से मध्यान्ह भोजन नहीं बनाया जा रहा है, जबकि स्कूल में करीब 100 छात्र-छात्राएं दर्ज हैं।

ग्रामीणों द्वारा इस मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था और छात्रों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

बच्चों ने बताया- दो महीने से नहीं मिला खाना

मामले की जानकारी लेने के दौरान छात्रों से मध्यान्ह भोजन के बारे में पूछा गया। बच्चों ने बताया कि उन्होंने करीब दो महीने से स्कूल में मध्यान्ह भोजन नहीं खाया है। बच्चों के अनुसार, जब वे स्कूल में खाना बनाने के बारे में पूछते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि स्कूल में खाने के लिए कुछ नहीं है।

100 बच्चे दर्ज, 20-25 की उपस्थिति का दावा

ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल में करीब 100 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन प्रतिदिन लगभग 20 से 25 बच्चे ही स्कूल पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इसके बावजूद रिकॉर्ड में छात्रों की 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वास्तविक उपस्थिति और स्कूल के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल

मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन, खाद्यान्न की उपलब्धता और छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब मुख्य सवाल यह है कि यदि स्कूल में वास्तव में दो महीने से मध्यान्ह भोजन नहीं बना, तो इसकी वजह क्या है? खाद्यान्न और भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी थी और यदि उपस्थिति को लेकर लगाए जा रहे आरोप सही हैं तो रिकॉर्ड में 100 प्रतिशत उपस्थिति कैसे दर्ज हुई?

फिलहाल पूरा मामला जांच का विषय है। शिक्षा विभाग द्वारा जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

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