मुरैना में पटाखा निर्माण पर सख्ती, किसी को नहीं मिला लाइसेंस; अवैध फैक्ट्री मिली तो होगी कार्रवाई

दीपावली से पहले प्रशासन अलर्ट, पटाखा दुकानों के बीच निर्धारित दूरी और अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य; कार्बाइड गन की बिक्री पर भी कार्रवाई

मुरैना। दीपावली और आगामी त्योहारों को देखते हुए मुरैना जिला प्रशासन ने पटाखों के अवैध निर्माण, भंडारण और बिक्री पर सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी व्यक्ति को पटाखा निर्माण का लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से पटाखे बनाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर की अध्यक्षता में आतिशबाजी एवं पटाखा निर्माताओं और विक्रेताओं की बैठक आयोजित की गई। इसमें पटाखों के सुरक्षित भंडारण, विक्रय और आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पटाखा दुकानों पर सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित लाइसेंस और सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। दुकानों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप टीन से किया जाए और उनके बीच नियमानुसार दूरी रखी जाए। दुकानों में ज्वलनशील कपड़े, झालर या ऐसी अन्य सामग्री नहीं लगाई जाए, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। पटाखों का प्रदर्शन या डेमो दिखाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।उन्होंने अधिकारियों को पटाखा विक्रय स्थलों का निरीक्षण करने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

भीड़भाड़ वाले बाजारों में बिक्री पर रोक के निर्देश

कलेक्टर ने कहा कि भीड़भाड़ वाले बाजारों, घनी आबादी वाले इलाकों तथा किराना एवं ज्वलनशील सामग्री की दुकानों के आसपास पटाखों की बिक्री नहीं की जाए। इसके लिए सुरक्षित और निर्धारित स्थानों पर ही पटाखा दुकानें संचालित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगर निगम और संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को पटाखा विक्रय स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजामों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विक्रेताओं को दुकानों पर अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा, ताकि आपात स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए तत्काल कदम उठाए जा सकें।

कार्बाइड गन और कार्बाइड की बिक्री पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने प्रतिबंधित कार्बाइड गन और कार्बाइड की बिक्री को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री करते हुए कोई व्यक्ति पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रीन पटाखों को प्राथमिकता देने की अपील

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने पटाखा विक्रेताओं और नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पटाखों के विक्रय एवं उपयोग को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान खुशियां मनाने के साथ पर्यावरण और आमजन की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने विक्रेताओं को निर्धारित सीमा के भीतर ही पटाखों का भंडारण करने और लाइसेंस की शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों में की गई छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।

विक्रेताओं की समस्याएं भी सुनीं

बैठक में पटाखा विक्रेताओं ने अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं से प्रशासन को अवगत कराया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित विक्रय स्थलों पर जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। नगर निगम को पेयजल और चलित शौचालय जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव, वनमंडलाधिकारी हरिश्चंद्र बघेल और अपर कलेक्टर अश्विनी कुमार रावत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कहा कि दीपावली सहित आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, पटाखा विक्रेताओं और नागरिकों को नियमों का पालन करना होगा, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सकें।

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