सड़क की मांग पर अनशन कर रहे नवनीत तोमर गिरफ्तार, मेडिकल के बाद भेजे गए जेल

Hunger strike: मुरैना। दिमनी विधानसभा क्षेत्र के जोहा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे नवनीत सिंह तोमर को शुक्रवार शाम पुलिस और प्रशासन ने धरना स्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान रास्ते में बरेह तिराहे पर हंगामे की स्थिति भी बन गई।

जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण धरना स्थल पर ग्रामीणों की संख्या कम हो गई थी। इसी दौरान एसडीओपी रवि प्रताप भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्वास्थ्य जांच और इलाज का हवाला देते हुए नवनीत सिंह तोमर और उनके साथियों को एंबुलेंस में बैठाया।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें अंबाह अस्पताल ले जाने की बात कही गई थी, लेकिन रास्ते में एंबुलेंस को मुरैना की ओर मोड़ दिया गया। इसे लेकर विरोध जताते हुए नवनीत सिंह तोमर और उनके साथियों ने चलती एंबुलेंस से कूदने का प्रयास किया, जिसके बाद बरेह तिराहे पर हंगामे की स्थिति बन गई।

नवनीत का पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल परीक्षण कराया गया

एसडीओपी रवि प्रताप भदौरिया ने बताया कि पुलिस नवनीत सिंह तोमर और उनके साथियों को केवल मेडिकल परीक्षण के लिए लेकर जा रही थी। इसी दौरान उन्होंने वाहन से कूदना शुरू कर दिया। पुलिस ने बरेह गांव के पास हाईवे पर वाहन रोका, जहां आंदोलनकारियों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार हाईवे जाम होने की आशंका को देखते हुए सभी का पहले मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद शांति भंग की आशंका में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 151 के तहत कार्रवाई कर उन्हें हिरासत में लिया गया। मौके पर तहसीलदार भी मौजूद थे। बाद में सभी को अंबाह जेल भेज दिया गया।

गौरतलब है कि नवनीत सिंह तोमर जोहा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनके समर्थन में ग्रामीण भी धरना दे रहे थे और लगातार बारिश के बावजूद आंदोलन जारी रहा।

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