मुरैना। शहर के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर की दान पेटी करीब 10 साल बाद खोली गई। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। दान पेटी से कुल 30 हजार 639 रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के चरणों में अर्पित की गई मन्नतों की पर्चियां भी मिलीं, जिन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर के निर्देश पर नायब तहसीलदार योगेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की तीन सदस्यीय टीम श्री बांके बिहारी मंदिर पहुंची। अधिकारियों की उपस्थिति में विधिवत दान पेटी का ताला खोला गया। इसके बाद करीब ढाई घंटे तक नोटों और सिक्कों की गिनती का कार्य चला।

गिनती के दौरान दान पेटी से कुल ₹30,639 नकद राशि प्राप्त हुई। इसके अलावा कुछ पुराने नोट जले, कटे और गल चुके मिले, जिन्हें अलग कर सुरक्षित रखा गया। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दान की राशि को नियमानुसार सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया।


मन्नतों की पर्चियों ने खींचा सबका ध्यान
दान पेटी में वर्षों से संजोई गई श्रद्धालुओं की आस्था भी इस दौरान सामने आई। नकदी के साथ बड़ी संख्या में ऐसी पर्चियां मिलीं, जिन पर लोगों ने अपनी मनोकामनाएं लिखकर भगवान श्री बांके बिहारी के चरणों में अर्पित की थीं। इनमें नौकरी, शिक्षा, विवाह, संतान सुख, स्वास्थ्य और पारिवारिक खुशहाली जैसी विभिन्न मन्नतें लिखी हुई थीं। इन पर्चियों ने पूरे घटनाक्रम को भावुक बना दिया और मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय रहीं।

वर्ष 2016-17 में आखिरी बार खुली थी दान पेटी
मंदिर के पूजारी विकास शर्मा ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2016-17 में तत्कालीन एसडीएम प्रदीप तोमर की मौजूदगी में दान पेटी खोली गई थी। इसके बाद लगभग एक दशक तक दान पेटी नहीं खोली गई। अब कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग की निगरानी में इसे खोला गया और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया। दान पेटी खुलने के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच भी इस घटना को लेकर उत्सुकता देखने को मिली। वर्षों से जमा हुई दान राशि और मन्नतों की पर्चियां लोगों की अटूट आस्था और भगवान श्री बांके बिहारी के प्रति विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आईं।


