मध्य प्रदेश में भी हो वृहद पौधारोपण एवं संरक्षण अभियान

यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि देश के विभिन्न राज्यों में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में इस वर्ष लगभग 35 करोड़, राजस्थान और गुजरात में 10-10 करोड़, दिल्ली में 70 लाख, छत्तीसगढ़ में ढाई करोड़ तथा तेलंगाना में बड़े पैमाने पर फलदार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मध्य प्रदेश जैव विविधता, घने वनों, बाघ, घड़ियाल तथा समृद्ध प्राकृतिक धरोहर के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। ऐसे में आवश्यक है कि प्रदेश सरकार भी हर वर्ष व्यापक वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करे। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण को समृद्ध कर सकें।प्रदेश में “एक पेड़ माँ के नाम” सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किए जा सकते हैं। इससे वन क्षेत्रों का विस्तार होगा, नदियों का जल प्रवाह सुरक्षित रहेगा, वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास संरक्षित होगा तथा उन्हें भोजन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा। जंगल हमारे प्राकृतिक फेफड़े हैं, जो हमें प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, वर्षा को आकर्षित करते हैं और जल, जीवन तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अतः मध्य प्रदेश शासन से विनम्र आग्रह है कि गुरु पूर्णिमा से जन्माष्टमी तक पूरे प्रदेश में जनभागीदारी के साथ एक वृहद वृक्षारोपण एवं संरक्षण अभियान चलाया जाए। इस अभियान में सभी शासकीय विभागों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों तथा आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएँ और उनके संरक्षण का भी प्रभावी प्रबंध हो। यही अभियान आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित मध्य प्रदेश की अमूल्य सौगात प्रदान करेगा।

लेखक….जाकिर हुसैन गुग्गल मेन ऑफ इंडिया

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