मुरैना। नगर निगम पार्षदों की अभियाचित बैठक सोमवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब वार्ड क्रमांक-5 की पार्षद आयशा देवी के पति और सुमावली विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना के विधायक प्रतिनिधि राजकुमार कुशवाह पर नगर निगम की निर्माण शाखा के प्रभारी इंजीनियर ऋषिकेश शर्मा को कथित तौर पर ‘काटने’ की धमकी देने का आरोप लगा।

घटना के बाद नगर निगम सदन में जमकर हंगामा हुआ। कथित धमकी से नाराज विपक्षी पार्षद इंजीनियर ऋषिकेश शर्मा के समर्थन में सदन के अंदर ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस पार्षदों ने राजकुमार कुशवाह से सदन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

दो साल पुरानी हैंडपंप जांच की फाइल को लेकर विवाद
राजकुमार कुशवाह के अनुसार, वर्ष 2024 में उनके वार्ड में तीन हैंडपंप लगाए गए थे। उनका आरोप है कि इन हैंडपंपों में ठेकेदार द्वारा घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। इसकी शिकायत नगर निगम में की गई थी, जिसके बाद तत्कालीन कमिश्नर ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। कुशवाह का आरोप है कि इसी जांच से संबंधित फाइल पिछले करीब दो साल से निर्माण शाखा के प्रभारी इंजीनियर ऋषिकेश शर्मा के पास है। उनका कहना है कि फाइल प्राप्त करने के लिए वह लंबे समय से नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

‘काटना’ शब्द गलती से निकला: राजकुमार कुशवाह
विवाद के बाद राजकुमार कुशवाह ने अपनी सफाई में कहा कि उनका आशय इंजीनियर ऋषिकेश शर्मा को हटाने की बात कहने का था, लेकिन बातचीत के दौरान ‘काटना’ शब्द गलती से निकल गया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य मुद्दा वर्ष 2024 में लगाए गए हैंडपंपों की गुणवत्ता और उससे संबंधित जांच की फाइल है। वहीं, घटना के बाद सदन में हुए विरोध और माफी के बाद फिलहाल विवाद शांत हो गया है।

18 अगस्त की बैठक पर रहेगी नजर
नगर निगम की बैठक में हुए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब 18 अगस्त को होने वाली अगली बैठक में यह विवाद फिर उठता है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।