मुरैना। कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। कैलारस में आयोजित किसान महापंचायत में किसानों ने सरकार के सामने अपनी मांग को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए 22 अगस्त को मुरैना जिला बंद रखने का निर्णय लिया है।

किसान नेता अशोक तिवारी के मुताबिक, 22 अगस्त की सुबह जिले के गांव-गांव से किसान हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर रैली के रूप में शहर की ओर कूच करेंगे। किसानों ने इस दौरान अपनी फसल बाजार में नहीं बेचने और मंडियों में सब्जियां नहीं ले जाने का भी आह्वान किया है।किसानों का कहना है कि जिला बंद का असर केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांवों, गली-मोहल्लों और बाजारों तक आंदोलन की व्यापकता दिखाई देगी। किसानों ने व्यापारियों से भी जिला बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।

सरकार ने दिया शक्कर कारखाना शुरू कराने का आश्वासन
किसानों के आंदोलन के बीच कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने भोपाल से बयान जारी कर मुरैना जिले के किसानों को आश्वस्त किया है कि सरकार कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की दिशा में काम कर रही है। मंत्री के मुताबिक, शक्कर कारखाने को शुरू कराने की जिम्मेदारी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग को दी गई है। सरकार का मानना है कि कारखाना दोबारा शुरू होने से किसानों की आय बढ़ेगी, क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

आश्वासन के बाद भी आंदोलन जारी
सरकार की ओर से शक्कर कारखाना शुरू कराने का आश्वासन मिलने के बावजूद किसानों ने 22 अगस्त को जिला बंद का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि सरकार के आश्वासन के बीच किसानों का यह आंदोलन कितना व्यापक रूप लेता है और कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने को लेकर सरकार की ओर से कब तक कोई ठोस निर्णय सामने आता है।