मुरैना। मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला मुरैना के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय आजीविका राखी मेले का गुरुवार को गरिमापूर्ण समापन हुआ। समापन समारोह में महापौर शारदा सोलंकी मुख्य अतिथि तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम में जिला पुरातत्व अधिकारी अशोक शर्मा, जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश तोमर, मेला नोडल अधिकारी उमेश राजौरिया, सह-नोडल अधिकारी मोहम्मद जाहुल सहित सभी विकासखंडों के अधिकारी-कर्मचारी और स्व-सहायता समूहों की दीदियां उपस्थित रहीं।

महापौर शारदा सोलंकी ने कहा कि मुरैना में आयोजित आजीविका राखी मेला जिले के लिए गौरव की बात है। मेले में दूर-दराज क्षेत्रों से आईं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने हुनर से तैयार राखियों, खिलौनों, मंगलसूत्र, हस्तनिर्मित कड़ों, बच्चों की घड़ियों सहित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को आगे भी ऐसे मंचों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।

जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव ने बताया कि मेले में जिले के सभी 7 विकासखंडों के 34 ग्रामों के 78 स्व-सहायता समूहों की कुल 415 समूह दीदियों ने सहभागिता की। समूहों ने करीब 9 लाख 89 हजार रुपये मूल्य की राखियां तैयार कीं, जिनके विक्रय से लगभग 3 लाख 65 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया। मेले के दौरान राखियों सहित अन्य उत्पादों की कुल 4 लाख 78 हजार 900 रुपये की बिक्री हुई।

उन्होंने कहा कि मेले के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, आय बढ़ाने, कौशल को प्रोत्साहित करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। ऐसे आयोजन ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर को व्यवसाय से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार दिलाने में मददगार साबित हो रहे हैं।समापन अवसर पर अतिथियों ने स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा तैयार राखियों और अन्य उत्पादों की सराहना की तथा गुणवत्ता और विपणन को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम के बाद महापौर शारदा सोलंकी ने स्व-सहायता समूह की दीदियों से अपने हाथों पर मेहंदी लगवाई। इस आत्मीय अवसर के साथ चार दिवसीय आजीविका राखी मेले का समापन हुआ।