मुरैना। रक्षा बंधन के पावन पर्व पर मुरैना सब जेल में भाई-बहन के प्रेम और रिश्तों की भावुक तस्वीर देखने को मिली। जेल की सलाखों के पीछे बंद कैदी भाइयों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मुंह मीठा कराया और उनके सुखद भविष्य की कामना की।

सुबह 8 बजे से ही मुरैना सब जेल के बाहर बहनों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह 9 बजे तक मुख्य गेट के बाहर बड़ी संख्या में बहनों की भीड़ जमा हो गई। अपने भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने को लेकर बहनों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

रक्षा बंधन को लेकर जेल प्रबंधन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जेल परिसर में प्रवेश से पहले बहनों की थ्री-लेयर चेकिंग और सघन तलाशी की गई। इसके बाद ही उन्हें अपने भाइयों से मिलने के लिए अंदर प्रवेश दिया गया। जेल प्रशासन ने बहनों को केवल फल और मिठाई साथ ले जाने की अनुमति दी।

सुबह 9 बजे से शुरू हुआ राखी बांधने का सिलसिला दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया। दोपहर 12 बजे तक करीब 400 बहनें अपने कैदी भाइयों से मुलाकात कर उनकी कलाई पर राखी बांध चुकी थीं। खबर लिखे जाने तक भी जेल के बाहर बहनों की भीड़ और अंदर राखी बांधने के लिए कतार लगी हुई थी।

राखी बांधने के बाद कई कैदी भाई भावुक हो गए। कुछ भाइयों ने अपनी बहनों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जेल मैनुअल के अनुसार रक्षा बंधन के अवसर पर कैदी भाइयों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई, जिसमें पूड़ी, सब्जी और मिठाई शामिल रही।

जेल अधीक्षक एसके शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप रक्षा बंधन पर बहनों के लिए जेल के दरवाजे खोले गए हैं, ताकि वे अपने कैदी भाइयों को राखी बांध सकें। उन्होंने बताया कि नियमानुसार दोपहर 3 बजे तक राखी बांधने की व्यवस्था है। इसके बाद भी यदि कोई बहन राखी बांधने के लिए पहुंचती है तो उसे रोका नहीं जाएगा।

रक्षा बंधन के इस पर्व पर जेल की सलाखें भाई-बहन के प्रेम के बीच दीवार नहीं बन सकीं। सजा काट रहे भाइयों की कलाई पर बहनों ने जब राखी बांधी तो माहौल भावुक हो गया और रिश्तों की डोर एक बार फिर मजबूत होती नजर आई।