मुरैना। सेना भर्ती की तैयारी कर रहे 50 से ज्यादा युवाओं ने शुक्रवार तड़के नारेबाजी करते हुए नगर निगम की महापौर शारदा सोलंकी के बंगले का घेराव कर दिया। युवाओं का आरोप है कि शहर का डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम नियमित रूप से नहीं खुलता, जिसके चलते उन्हें सड़क पर दौड़ लगाकर सेना भर्ती की तैयारी करनी पड़ रही है। युवाओं का कहना है कि स्टेडियम सप्ताह में महज एक दिन खुलता है। वहीं, उनका आरोप है कि स्टेडियम में प्रैक्टिस करने पहुंचने पर कर्मचारियों द्वारा पैसों की मांग भी की जाती है। युवाओं ने कहा कि सेना भर्ती की तैयारी के लिए रोजाना करीब 700 युवक एम.एस रोड पर दौड़ लगाने को मजबूर हैं। ऐसे में सड़क पर दौड़ते समय यदि कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

बारिश के मौसम में सड़क पर अभ्यास करना युवाओं के लिए और भी जोखिम भरा हो गया है। युवाओं ने मांग की कि स्टेडियम को नियमित रूप से खोला जाए, ताकि वे सुरक्षित माहौल में अपनी सेना भर्ती की तैयारी कर सकें।

महापौर ने दिया वैकल्पिक रनिंग ट्रैक का आश्वासन
महापौर शारदा सोलंकी ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की शिकायत सुनी और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। महापौर ने बताया कि स्टेडियम में फिलहाल काम चल रहा है, जिसके कारण उसे नियमित रूप से नहीं खोला जा पा रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के पीछे पड़ी खाली जगह को फिलहाल वैकल्पिक रनिंग ट्रैक के रूप में तैयार कराया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही वहां मिट्टी डलवाकर मैदान को समतल कराया जाएगा, ताकि युवा सुरक्षित स्थान पर दौड़ और अभ्यास कर सकें।

महापौर के आश्वासन के बाद युवाओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और अपने-अपने घर लौट गए। अब सवाल यह है कि वैकल्पिक रनिंग ट्रैक कब तक तैयार होगा और डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम नियमित रूप से कब खुलेगा?