मुरैना। श्योपुर के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से निकला एक चीता मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र के जड़ेरू आदिवासी गांव में पहुंच गया है। चीते द्वारा पालतू बकरियों का शिकार किए जाने के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्थिति ऐसी है कि कई परिवार अपने बच्चों के साथ घरों में रहने को मजबूर हैं। चीते का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे ग्रामीणों ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया है।जानकारी के अनुसार, चीता सबसे पहले जड़ेरू गांव निवासी कलिया आदिवासी के घर के पास पहुंचा, जहां उसने उनकी दो पालतू बकरियों का शिकार कर लिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही कूनो की चीता मॉनिटरिंग टीम मौके पर पहुंची और चीते की गतिविधियों पर नजर रख रही है। ग्रामीण कलिया आदिवासी ने बताया कि चीता पिछले एक दिन से गांव के आसपास देखा जा रहा है। बकरियों के शिकार के बाद बच्चे और महिलाएं बेहद डरे हुए हैं तथा लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। उनका कहना है कि वन विभाग को सूचना देने के बावजूद अभी तक कोई रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं किया गया है। वहीं, वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) हरिश्चंद्र बघेल ने बताया कि पहाड़गढ़ क्षेत्र में चीते की मौजूदगी की सूचना मिली है और कूनो की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि चीता भ्रमण के दौरान इस क्षेत्र में पहुंचा है और संभावना है कि वह स्वयं वापस कूनो की ओर लौट जाएगा। डीएफओ ने यह भी बताया कि यदि किसी ग्रामीण के पालतू पशु का शिकार हुआ है तो शासन के नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

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