एनसीसी कैडेट्स को टीबी वॉलेंटियर प्रशिक्षण, 190 से अधिक कैडेट्स हुए शामिल

मुरैना। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय जौरा के सभागार में रविवार को एनसीसी कैडेट्स के लिए टीबी वॉलेंटियर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 8 एमपी एनसीसी बटालियन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में कैडेट्स को टीबी के लक्षण, बचाव, जांच, उपचार और रोकथाम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम 8 एमपी एनसीसी बटालियन के सीओ सुमित के मार्गदर्शन तथा शासकीय महाविद्यालय जौरा के प्राचार्य एच.एन. हाड़ा एवं सीबीएमओ डॉ. अनुभा माहेश्वरी के सहयोग से आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता हवलदार प्रभु सिंह ने की।

टीबी से परिवार और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है असर

सिविल अस्पताल जौरा के वरिष्ठ क्षय प्रयोगशाला पर्यवेक्षक रणवीर गोयल ने कैडेट्स को टीबी की गंभीरता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी का असर केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार की आर्थिक स्थिति के साथ देश की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने टीबी की समय पर पहचान, जांच और नियमित उपचार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बीमारी की रोकथाम के लिए जनजागरूकता और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स से टीबी से संबंधित जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कैडेट्स के मोबाइल में डाउनलोड कराया टीबी मुक्त भारत ऐप

प्रशिक्षण के दौरान सभी एनसीसी कैडेट्स के मोबाइल फोन में टीबी मुक्त भारत ऐप डाउनलोड कराया गया। कैडेट्स को ऐप के माध्यम से टीबी से संबंधित जानकारी प्राप्त करने और टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।

अनुशासन को बताया व्यक्तित्व निर्माण का आधार

महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक रमेश कुमार ने विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनुशासन व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा और सुरक्षा में जुटे जवान अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। इसी प्रकार विद्यार्थियों को भी अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर समाज और राष्ट्रहित में सकारात्मक योगदान देना चाहिए।

190 से अधिक एनसीसी कैडेट्स रहे मौजूद

प्रशिक्षण कार्यक्रम में 18 एमपी एनसीसी से हवलदार प्रभु सिंह हवलदार चिरेंद्र सिंह, सिविल अस्पताल जौरा से वरिष्ठ क्षय प्रयोगशाला पर्यवेक्षक रणबीर गोयल, शासकीय महाविद्यालय जौरा से सहायक प्राध्यापक रमेश कुमार, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जौरा से सीटीओ रामकुमार गौड़, एसयूओ दिलीप जादौन, यूओ विमल भदौरिया, अंकुश शाक्य, अनु सिकरवार, एसजीटी राघवेंद्र शर्मा, योगिता गुप्ता सहित 190 से अधिक एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में हवलदार चिरेंद्र सिंह ने उपस्थित अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं एनसीसी कैडेट्स के प्रति आभार व्यक्त किया।

error: Content is protected !!