मुरैना। शहर में युवाओं के बीच इंजेक्शन के जरिए नशे के बढ़ते कथित चलन ने चिंता बढ़ा दी है। शहर के बनखंडी रोड स्थित श्रीराम मेडिकल स्टोर्स पर मैपिन टर्मिन इंजेक्शन की बिक्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर के पर्चे के बिना इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि युवाओं को इंजेक्शन निर्धारित कीमत से अधिक दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे अपनी कथित नशे की लत पूरी कर सकें। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित मेडिकल स्टोर के बिक्री रिकॉर्ड की पड़ताल जरूरी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इंजेक्शन की बिक्री नियमों के विरुद्ध हो रही है, तो औषधि नियंत्रण विभाग की निगरानी के बावजूद ऐसा कैसे हो रहा है?
इंजेक्शन के दुरुपयोग से युवाओं की सेहत पर गंभीर खतरा
मैपिन टर्मिन इंजेक्शन को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने दवाओं के कथित दुरुपयोग की समस्या को फिर चर्चा में ला दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ युवा इसका इस्तेमाल स्टैमिना और वर्कआउट क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी इंजेक्शन का इस तरह बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल करना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की दवाओं का गलत इस्तेमाल ब्लड प्रेशर और हृदय गति को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा चक्कर आना, बेचैनी और अन्य गंभीर दुष्प्रभाव भी सामने आ सकते हैं। इंजेक्शन का इस्तेमाल केवल निर्धारित चिकित्सकीय कारणों और स्वास्थ्य विशेषज्ञ की निगरानी में ही किया जाना चाहिए।
पोरसा में इंजेक्शन के दुरुपयोग से जुड़ा मामला भी चिंता बढ़ाने वाला
मुरैना जिले के पोरसा कस्बे में कुछ महीने पहले इंजेक्शन के कथित दुरुपयोग और एक युवक की आत्महत्या का मामला भी सामने आया था। बताया गया था कि युवक इंजेक्शन की लत से परेशान था। इस तरह के मामले युवाओं में दवाओं के दुरुपयोग, नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता की ओर इशारा करते हैं। जरूरत है कि युवाओं को जागरूक करने के साथ-साथ दवाओं की बिक्री और उनके दुरुपयोग पर भी प्रभावी निगरानी रखी जाए।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के आरोप
स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि शिकायतों के बावजूद संबंधित मेडिकल स्टोरों के खिलाफ औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि जांच में डॉक्टर के पर्चे के बिना प्रतिबंधित या निर्धारित श्रेणी की दवा बेचने अथवा बिक्री संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि विभाग मेडिकल स्टोर के लाइसेंस, दवा के स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और वायरल वीडियो की जांच करे।
विशेषज्ञ की राय: गलत इस्तेमाल से बिगड़ सकता है ब्लड प्रेशर
डॉ. सुरेंद्र सिंह गुर्जर के अनुसार, मैपिन टर्मिन इंजेक्शन का उपयोग कुछ चिकित्सकीय परिस्थितियों में ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। उन्होंने इसके कथित दुरुपयोग को युवाओं की सेहत के लिए चिंताजनक बताया। डॉ. गुर्जर के मुताबिक, बिना चिकित्सकीय निगरानी के इसका इस्तेमाल ब्लड प्रेशर में गड़बड़ी, दिल की धड़कन तेज होने और नींद से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। नियमित या गलत इस्तेमाल से गंभीर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए इस तरह के इंजेक्शन का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह और निगरानी में किया जाना चाहिए।
अब औषधि नियंत्रण विभाग की कार्रवाई पर नजर
बनखंडी रोड स्थित श्रीराम मेडिकल स्टोर्स से जुड़े वायरल वीडियो और इंजेक्शन की कथित बिक्री के मामले में अब औषधि नियंत्रण विभाग की भूमिका अहम हो गई है। विभाग को मामले की जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि इंजेक्शन की बिक्री किन परिस्थितियों में की गई और क्या संबंधित नियमों का पालन हुआ है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, जिले में दवाओं की बिक्री करने वाले अन्य मेडिकल स्टोरों की भी जांच की जरूरत है, ताकि युवाओं तक दवाओं का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से पहुंचना रोका जा सके।
युवाओं की सेहत से जुड़े इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद औषधि नियंत्रण विभाग क्या कदम उठाता है।