मुरैना में खाद के कट्टे पर 30 रुपए अतिरिक्त वसूली का आरोप, किसान ने बनाया वीडियो; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

मुरैना। जिले में खाद की किल्लत और ऑनलाइन पर्ची की परेशानी से जूझ रहे किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुमावली कस्बे में एक खाद विक्रेता पर यूरिया और डीएपी के प्रत्येक कट्टे पर निर्धारित कीमत से 30 रुपए अधिक वसूलने का आरोप लगा है। एक किसान ने इस कथित वसूली का वीडियो भी बनाया है। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।

खाद के प्रत्येक कट्टे पर 30 रुपए ज्यादा लेने का आरोप

सुमावली कस्बे में संचालित सोसाइटी और नेमी चंद्र सगुन चंद्र जैन ट्रेडर्स पर यूरिया और डीएपी के कट्टे निर्धारित कीमत से 30 रुपए अधिक बेचने का आरोप है। किसान के मुताबिक, खाद खरीदने के दौरान उससे प्रत्येक कट्टे पर अतिरिक्त राशि मांगी गई। इस दौरान उसने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। खाद की जरूरत के चलते किसान पहले से ही परेशान हैं। ऐसे में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने के आरोप ने खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

ऑनलाइन पर्ची के लिए भी करना पड़ रहा इंतजार

किसानों की परेशानी केवल खाद की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। सर्वर डाउन रहने और ऑनलाइन पर्ची नहीं कटने के कारण उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। किसानों का कहना है कि कई बार ई-पर्ची कटने में 8 से 10 दिन तक लग जाते हैं, जिससे खेती-किसानी के जरूरी काम प्रभावित होते हैं। किसानों के अनुसार, खाद के प्रत्येक कट्टे पर कथित तौर पर 30 रुपए अतिरिक्त वसूली के साथ ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर 50 रुपए लिए जाने की बात भी सामने आई है। यदि किसानों को इन दोनों मदों में अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है, तो उनकी लागत और बढ़ जाती है।

निर्धारित कीमत से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई

मामले को लेकर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि किसान की शिकायत और वीडियो के आधार पर जांच कराई जाएगी। जांच में अनियमितता सामने आने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों और निजी विक्रेताओं को खाद निर्धारित कीमत पर ही बेचनी होगी। किसी भी स्थिति में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेना स्वीकार्य नहीं है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सुमावली में खाद विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया है या नहीं।

अब सवाल यह है कि खाद की किल्लत और ऑनलाइन पर्ची की परेशानी के बीच किसानों को निर्धारित कीमत पर खाद उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठाता है।

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