मुरैना। जिले में निर्माण कार्यों के लिए रेत की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में जिले में रेत भंडारण (स्टॉकयार्ड) की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि आम नागरिकों और निर्माण एजेंसियों को आसानी से रेत उपलब्ध हो सके। जिला खनिज अधिकारी सुखदेव निर्मल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जिले में 11 रेत स्टॉकयार्ड स्वीकृत हैं, जिनमें लगभग 53 हजार घनमीटर रेत उपलब्ध है। इसके अलावा कई नए स्टॉकयार्ड को स्वीकृति देने की प्रक्रिया भी जारी है। इनके शुरू होने के बाद जिले में रेत की उपलब्धता और बेहतर होगी तथा निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक रेत के विकल्प के रूप में एम-सैंड (M-Sand) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में अब तक 32 एम-सैंड इकाइयों और खदानों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। एम-सैंड की रॉयल्टी और बाजार मूल्य प्राकृतिक रेत की तुलना में कम है तथा इसका उपयोग मकान, भवन, सड़क और अन्य सभी प्रकार के निर्माण कार्यों में सफलतापूर्वक किया जा सकता है। देश के कई बड़े शहरों में एम-सैंड का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। जिला खनिज अधिकारी ने यह भी बताया कि वर्तमान में जिले के कई व्यक्ति, निजी संस्थाएं और निर्माण एजेंसियां अपनी आवश्यकता के अनुसार भिंड, ग्वालियर, दतिया सहित अन्य जिलों से भी सीधे रेत मंगाकर निर्माण कार्य कर रही हैं।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में रेत की निर्बाध, पारदर्शी और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में अधिक से अधिक स्टॉकयार्ड स्वीकृत करने के साथ-साथ वैकल्पिक निर्माण सामग्री के रूप में एम-सैंड के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हों और आम लोगों को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सके।


