श्योपुर। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के तहत श्योपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत गुरुवार को वीरपुर और शाहपुर गांवों के आदिवासी मोहल्लों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में गीत, संगीत और नुक्कड़ नाटक के जरिए संदेश दिया गया कि “नशा दारू का हो या भांग-गांजे का, इन सब में बुराई है, मत कीजिए।” कलाकारों ने प्रभावी प्रस्तुतियों के माध्यम से बताया कि शराब और अन्य मादक पदार्थ परिवार, स्वास्थ्य और समाज के लिए घातक हैं। कार्यक्रम में प्रस्तुत गीत “आपसे है विनय दारू मत पीजिए…” ने ग्रामीणों को भावुक करते हुए नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।

अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त मध्य प्रदेश और नशा मुक्त श्योपुर के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना रहा।यह अभियान सहायक संचालक शशि करण इक्का के मार्गदर्शन तथा हेड क्लर्क अशोक शाक्य और राजवीर सिंह के सहयोग से संचालित किया गया।

चंबल क्षेत्रीय शासकीय कला पथक दल के प्रमुख ज़ाकिर हुसैन के नेतृत्व में 1 जुलाई को विजयपुर विकासखंड के श्यामपुर गांव तथा 2 जुलाई को वीरपुर और शाहपुर गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।कार्यक्रम में सागर के अजय खरे, कैलाश खरे, दतिया के मुरारी लाल तथा मुरैना के राकेश श्रीवास्तव सहित कलाकारों ने प्रस्तुति देकर आदिवासी समुदाय को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने नशा न करने की शपथ ली और अभियान की सराहना की।