देवशयनी एकादशी आज: भगवान विष्णु योगनिद्रा में, चातुर्मास का शुभारंभ; चार माह तक मांगलिक कार्य रहेंगे स्थगित

आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी (हरिशयनी एकादशी) पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। इसके साथ ही चातुर्मास का शुभारंभ हो जाता है, जो अगले चार महीनों तक चलता है।

सनातन परंपरा के अनुसार भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने की अवधि में विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इन शुभ कार्यों का पुनः आरंभ देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी के दिन भगवान विष्णु के जागरण के बाद होता है।

आचार्य बालविहारी ऋषिश्वर मोबा. 9300970790

आचार्य बालविहारी ऋषिश्वर ने बताया कि चातुर्मास का समय आध्यात्मिक साधना, संयम और ईश्वर आराधना का विशेष काल माना जाता है। उनके अनुसार इन चार महीनों में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है। इस अवधि में शिव पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, जप, तप, व्रत, दान और सत्संग करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि यह समय आत्मचिंतन, सदाचार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक ग्रंथों में चातुर्मास को भक्ति और तपस्या का सर्वोत्तम काल बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान की उपासना, कथा-श्रवण, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संकल्प लेते हैं। मान्यता है कि इस अवधि में श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए धार्मिक कार्यों का कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है।

देवशयनी एकादशी का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं। देवशयनी एकादशी के दिन उनके योगनिद्रा में प्रवेश के साथ चातुर्मास का आरंभ होता है। इस अवधि में संत-महात्मा एक स्थान पर रहकर धर्मोपदेश, सत्संग और साधना करते हैं तथा श्रद्धालुओं को धर्म और सदाचार का संदेश देते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए संदेश

धर्माचार्यों के अनुसार श्रद्धालुओं को इस पावन अवसर पर भगवान का स्मरण, जप, तप, दान, व्रत और सत्संग करना चाहिए। साथ ही भगवान शिव की आराधना, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर जीवन में सुख, शांति और कल्याण की कामना करनी चाहिए।

error: Content is protected !!