अम्बाह के कुम्हरपुरा प्राथमिक विद्यालय का मामला, बिजली कंपनी से मौके पर जांच और बिल जारी होने के कारणों का मांगा जवाब
मुरैना/अम्बाह बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुम्हरपुरा में बिजली कनेक्शन, मीटर और केबल होने का दावा तक नहीं है, इसके बावजूद विद्यालय के नाम पर 51,290 रुपए का बिजली बिल जारी कर दिया गया। बिल सामने आने के बाद विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक ने बिजली कंपनी के अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है।

2017 से पदस्थ शिक्षक ने बताई हकीकत
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पुरुषोत्तम चौधरी के अनुसार वे वर्ष 2017 से शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुम्हरपुरा में पदस्थ हैं। उनका कहना है कि इस अवधि में उन्होंने विद्यालय में बिजली का कनेक्शन, मीटर अथवा बिजली की केबल नहीं देखी। इतना ही नहीं, विद्यालय में बिजली का उपयोग भी नहीं हो रहा है।इसके बावजूद अगस्त 2026 में 51,290 रुपए का बिजली बिल जारी होने से मामला चर्चा में आ गया है। शिक्षक के मोबाइल नंबर पर बिल प्राप्त हुआ, जबकि बिल में भी उसी नंबर का उल्लेख दर्ज है।

बिना बिजली उपयोग के हजारों का बिल कैसे?
शिक्षक ने बिजली विभाग के डीई को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में सवाल उठाया गया है कि जब विद्यालय में बिजली कनेक्शन और मीटर ही नहीं है, तो फिर इतनी बड़ी राशि का बिजली बिल किस आधार पर जारी किया गया। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कराने, बिल जारी होने के कारणों की जांच करने और यदि बिल में किसी प्रकार की त्रुटि है तो उसे तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है।

शिकायत में स्कूल का डायस कोड भी दर्ज
शिकायत में विद्यालय का डायस कोड 23020201410 भी दर्ज कराया गया है, ताकि संबंधित विभाग विद्यालय की पहचान और बिजली बिल से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन कर सके।

सीएम कार्यालय से लेकर राष्ट्रीय आयोग तक पहुंची शिकायत
शिक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी बीआरसीसी अम्बाह के साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय भोपाल, ऊर्जा विभाग और राष्ट्रीय आयोग को भी ई-मेल के माध्यम से भेजी है।अब देखना यह है कि बिजली विभाग इस मामले की जांच में क्या सामने लाता है और बिना कनेक्शन वाले विद्यालय के नाम पर ₹51,290 का बिल आखिर किस आधार पर जारी हुआ।